Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, केंद्र और राज्य ने बनाई सतत पर्यटन विकास की रणनीति

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने रायपुर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

सुमन बिल्ला भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर में आयोजित दो दिवसीय मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में पर्यटन विषय के प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान केंद्र और राज्य के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर चर्चा की।

इस दौरान निम्न क्षेत्रों में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया—

  • पारिस्थितिकी (ईको) पर्यटन
  • धार्मिक पर्यटन
  • पुरातात्विक पर्यटन
  • वन्यजीव पर्यटन
  • जनजातीय पर्यटन
  • ग्रामीण पर्यटन

सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों के योजनाबद्ध विकास से स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर जोर

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि पर्यटन विकास ऐसा हो जिसमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।

इसके तहत—

  • होम-स्टे को बढ़ावा,
  • स्थानीय हस्तशिल्प का प्रचार,
  • पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ना,
  • और जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने

जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

पर्यटन अधोसंरचना और डिजिटल प्रचार पर फोकस

केंद्र और राज्य सरकार के बीच पर्यटन क्षेत्र में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी सहमति बनी।

बैठक में इन विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया—

  • पर्यटन अधोसंरचना का विकास
  • पर्यटक सुविधाओं का विस्तार
  • डिजिटल प्रचार-प्रसार
  • निवेश को बढ़ावा
  • केंद्र सरकार की पर्यटन योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य तक पहुंचाना

चिंतन शिविर में सतत पर्यटन पर दिया व्याख्यान

आईआईएम रायपुर में आयोजित चिंतन शिविर के दौरान सुमन बिल्ला ने “सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन: छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया।

इसके बाद उन्होंने “आगे की राह – विचार मंथन” विषय पर आयोजित संवाद सत्र का संचालन भी किया, जिसमें पर्यटन को सुशासन, सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय रोजगार से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर चर्चा की गई।

रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

पर्यटन विभाग का मानना है कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी। इससे राज्य की जैव विविधता, ऐतिहासिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को व्यापक पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होगी।