Bihar News: बिहार सरकार ने अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना, न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना और आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ाना है।
हर महीने पटना में लगेगा राज्य स्तरीय सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में ऐसे लोगों की शिकायतों पर सुनवाई होगी, जिनके आवेदन का निपटारा प्रखंड स्तर पर हो चुका है लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में कानून का राज और अधिक मजबूत होगा। इसके लिए न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अधिकतम उपयोग कर जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा।
112 आपातकालीन सेवा का रिस्पॉन्स टाइम होगा कम
सरकार ने 112 आपातकालीन सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने का भी लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में औसतन 10 मिनट में पुलिस घटनास्थल पर पहुंच रही है, जिसे घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और फॉरेंसिक सुविधाओं से सशक्त किया जा रहा है।
तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। फॉरेंसिक लैब, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह प्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे मामलों की जांच और निपटारा पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से बिहार में कानून व्यवस्था और सुशासन को नई मजबूती मिलेगी।
