Bihar News: नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 में बिहार की ग्रामीण विकास योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य की ऑन-साइट जियो-टैगिंग पहल को देश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों में शामिल किया गया। इस पहल ने ग्रामीण आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
दो दिवसीय सम्मेलन में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ थीम पर हुआ राष्ट्रीय सम्मेलन
28 और 29 जून को नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री शामिल हुए। सम्मेलन की थीम “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” रही, जिसमें वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में गांवों की भूमिका पर व्यापक चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास के केंद्र बनेंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बिहार की जियो-टैगिंग पहल बनी मिसाल
सम्मेलन में बिहार की ऑन-साइट जियो-टैगिंग प्रणाली को ग्रामीण आवास के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस तकनीक के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्माण कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी संभव हुई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है, लाभार्थियों का सत्यापन आसान हुआ है और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी मदद मिली है।
ग्रामीण विकास योजनाओं की उपलब्धियां साझा कीं
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार लगातार ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2015 से पहले बने पुराने मकानों की मरम्मत की आवश्यकता पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके।
ग्रामीण विकास को और मजबूत करने पर जोर
श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार गांवों में शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर बिहार की सक्रिय भागीदारी केंद्र और राज्यों के साझा संकल्प को मजबूत करती है, जिसका उद्देश्य एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत का निर्माण करना है।
विकसित भारत के लक्ष्य में गांवों की अहम भूमिका
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों ने ग्रामीण विकास से जुड़ी सफल योजनाओं, नवाचारों और चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल तकनीक, पारदर्शी प्रशासन और स्थानीय भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति दी जा सकती है।
बिहार की जियो-टैगिंग पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान इस दिशा में राज्य की प्रभावी कार्यशैली और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
