Punjab News: 152 दिन में 713 अवैध हथियार बरामद, AGTF की कार्रवाई से पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्कों को बड़ा झटका

पंजाब

Punjab News:एसएएस नगर (मोहाली), 25 जून 2026: पंजाब पुलिस की एंटी गैंग्स्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने ‘गैंग्स्टरां ‘ते वार’ अभियान के तहत गैंगस्टर नेटवर्कों पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। राज्य सरकार के इस अभियान के 152 दिनों के दौरान पुलिस ने कुल 713 अवैध हथियार, 218 मैगजीन और 2,009 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के नेटवर्क की जड़ों पर चोट करने की रणनीति का हिस्सा है। पंजाब पुलिस का कहना है कि इन बरामदगियों ने राज्य में कई संभावित अपराधों को रोकने और संगठित आपराधिक ढांचे को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘गैंग्स्टरां ‘ते वार’ अभियान के 152 दिनों का दावा

पंजाब सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत एंटी गैंग्स्टर टास्क फोर्स ने राज्यभर में लगातार सर्च ऑपरेशन और विशेष मुहिम चलाई। पुलिस के अनुसार, इसी अभियान के दौरान गैंगस्टरों के सहयोगियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।

AGTF का कहना है कि 152 दिनों में 713 अवैध हथियार, 218 मैगजीन और 2,009 राउंड कारतूस बरामद होना इस बात का संकेत है कि पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्कों की आपूर्ति श्रृंखला और हथियार तस्करी के ढांचे पर लगातार दबाव बनाए रखा है।

डीजीपी गौरव यादव बोले- युवा गैंगस्टरों के निशाने पर

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टर अपने अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए युवाओं को लालच देते हैं और उन्हें हथियार उपलब्ध कराना इसी रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, गैंगस्टर नेटवर्कों तक पहुंचने और उनके सहयोगियों से हथियार बरामद करने की कार्रवाई ने कई गंभीर अपराधों को रोकने में मदद की है।

डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी, सीमा पार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों से बड़ी बरामदगी

पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान सबसे ज्यादा बरामदगी सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों से हुई है। आंकड़ों के अनुसार, अमृतसर ग्रामीण से 92, अमृतसर शहर से 201, फिरोजपुर से 155 और तरनतारन से 243 अवैध हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन बरामद किए गए।

इन जिलों से हुई बरामदगी को पंजाब पुलिस ने महत्वपूर्ण माना है, क्योंकि ये क्षेत्र सीमा पार हथियार तस्करी, गैंग गतिविधियों और आपराधिक नेटवर्कों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। पुलिस का कहना है कि इन इलाकों में कार्रवाई और निगरानी दोनों तेज की गई हैं।

पिछले महीने तेज हुआ अभियान, बढ़ी बरामदगी

पंजाब पुलिस ने बताया कि पिछले महीने अवैध हथियारों की तलाश के लिए अभियान को और तेज किया गया था। इसके तहत सर्च ऑपरेशनों की संख्या बढ़ाई गई और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई।

पुलिस के अनुसार, इसी तेज अभियान का नतीजा रहा कि बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए। इससे यह संकेत भी मिलता है कि पंजाब पुलिस अब गैंगस्टर नेटवर्कों के खिलाफ केवल आपराधिक मामलों की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके हथियार और सप्लाई सिस्टम को भी व्यवस्थित तरीके से निशाना बना रही है।

तकनीकी हथियारों से लेकर देसी पिस्तौल तक बरामद

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद हथियारों में तकनीकी रूप से उन्नत आधुनिक हथियारों से लेकर देसी पिस्तौल तक शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि गैंगस्टर नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर के अवैध हथियारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके पास आधुनिक हथियारों की भी पहुंच है।

उन्होंने कहा कि AGTF अन्य विभागों और जिला पुलिस इकाइयों के साथ मिलकर काम कर रही है। पुलिस का मानना है कि संयुक्त कार्रवाई के जरिए गैंगस्टर नेटवर्कों की जड़ों तक पहुंचना और उन्हें तोड़ना ज्यादा प्रभावी हो रहा है।

अमृतसर में क्रॉस-बॉर्डर हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश

हाल ही में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी सफलता का दावा करते हुए क्रॉस-बॉर्डर अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 11 अत्याधुनिक पिस्तौलें तथा 8 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले लोगों के संपर्क में थे। इन हथियारों को आगे अपराधियों तक पहुंचाया जाना था और इनका इस्तेमाल जबरन वसूली, हिंसक वारदातों तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।

लुधियाना में भी दो आरोपी हथियारों समेत गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने बताया कि लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस की CIA स्टाफ टीम ने भी एक अलग कार्रवाई में अवैध हथियारों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसे राज्य में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ हथियार बरामद करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि इनके जरिए उन नेटवर्कों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है जो हथियारों की सप्लाई, संरक्षण और इस्तेमाल से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि इन गिरफ्तारियों को बड़ी कार्रवाई के रूप में पेश किया जा रहा है।

हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने की रणनीति पर फोकस

पंजाब पुलिस की रणनीति फिलहाल गैंगस्टरों को सीधे पकड़ने के साथ-साथ उनके हथियार नेटवर्क, सप्लाई चेन और सहयोगियों पर चोट करने की दिख रही है। पुलिस का मानना है कि यदि गैंग नेटवर्क तक हथियारों की आपूर्ति रोक दी जाए, तो जबरन वसूली, हत्या, गोलीबारी और अन्य हिंसक वारदातों की क्षमता कमजोर की जा सकती है।

इसी वजह से AGTF और जिला पुलिस इकाइयों की कार्रवाई अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियारों के स्रोत, सीमा पार तस्करी के लिंक और स्थानीय नेटवर्कों की पहचान पर भी केंद्रित है। इसे पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संगठित अपराध पर दबाव बढ़ाने की कोशिश

‘गैंग्स्टरां ‘ते वार’ अभियान के आंकड़ों को देखते हुए पंजाब पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि वह गैंगस्टर नेटवर्कों को केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक इकोसिस्टम के रूप में देख रही है। 713 हथियारों की बरामदगी, सीमावर्ती जिलों में लगातार कार्रवाई और क्रॉस-बॉर्डर मॉड्यूल का पर्दाफाश इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बरामदगियों और गिरफ्तारियों का असर पंजाब में गैंग हिंसा, जबरन वसूली और हथियार तस्करी पर कितना पड़ता है। फिलहाल इतना साफ है कि राज्य पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ अपने अभियान को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने के संकेत दे रही है।