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Punjab News: देश में पहली बार: ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करेगा पंजाब

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार ने जरूरतमंद और संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। राज्य देश का पहला ऐसा प्रदेश बन गया है जिसने ऑब्जर्वेशन होम और स्पेशल होम में रहने वाले बच्चों के लिए व्यवस्थित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

211 बच्चों को मिलेगी व्यावसायिक प्रशिक्षण

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री Baljit Kaur ने फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम फॉर बॉयज में इस कार्यक्रम की शुरुआत की।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में राज्य की चार बाल देखभाल संस्थाओं में रह रहे 420 बच्चों में से 211 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संख्या कुल बच्चों का लगभग 50 प्रतिशत है।

रोजगार से जुड़े कोर्सों की होगी ट्रेनिंग

बच्चों को वर्तमान रोजगार बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कौशल आधारित कोर्सों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:

  • हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट
  • स्मार्टफोन असेंबली टेक्नीशियन
  • मल्टी-स्किल टेक्नीशियन

इन कोर्सों का उद्देश्य बच्चों को कम समय में उपयोगी और रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है।

आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन पर फोकस

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी भी बच्चे का भविष्य उसकी परिस्थितियों से तय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों को यह संदेश देती है कि उनका भविष्य उनके अतीत से नहीं बल्कि उनकी मेहनत, कौशल और लगन से तय होगा।

मंत्री ने कहा कि हर बच्चे को एक “केस” के रूप में नहीं बल्कि प्रतिभा और संभावनाओं से भरे व्यक्ति के रूप में देखा जाएगा।

तकनीकी कौशल के साथ व्यक्तित्व विकास भी

यह कार्यक्रम केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत बच्चों में:

  • आत्मविश्वास
  • संचार कौशल
  • अनुशासन
  • कार्य नैतिकता
  • टीम वर्क
  • सकारात्मक सोच

जैसे गुणों का भी विकास किया जाएगा।

विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण की व्यवस्था

फरीदकोट ऑब्जर्वेशन होम में 36 बच्चों को हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

लुधियाना ऑब्जर्वेशन होम में 85 बच्चों को प्रशिक्षण मिलेगा, जिनमें 56 बच्चों को हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट तथा 29 बच्चों को स्मार्टफोन असेंबली टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं होशियारपुर के ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम में 90 बच्चों को विभिन्न कौशल आधारित कोर्सों में प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के बाद भी मिलेगी सहायता

पंजाब सरकार ने कहा है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रमाणन, प्लेसमेंट सहायता, उद्यमिता मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के बाद भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल

सरकार का लक्ष्य इस मॉडल को भविष्य में अन्य बाल देखभाल संस्थानों तक भी विस्तारित करना है। यह पहल संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार से जोड़ने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर Gurditt Singh Sekhon तथा Rahul Chaba सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।