UP News: उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व चेयरमैन और विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा है कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश में दलितों के विकास का स्वर्णिम काल शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में दलित समाज का सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सशक्तीकरण तेजी से हुआ है।
चिंतन गोष्ठी में रखे विचार
लखनऊ के उद्यान भवन सभागार में अखिल भारतीय स्वच्छकार समाज महासंघ और सामाजिक सरोकार फाउंडेशन द्वारा आयोजित चिंतन गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डॉ. निर्मल ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दलित समाज के कल्याण और उत्थान के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।
सफाईकर्मियों के हित में बड़े फैसलों की तैयारी
डॉ. निर्मल ने कहा कि योगी सरकार सफाईकर्मियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारी व्यवस्था में सुधार और सफाईकर्मियों की आय बढ़ाने के लिए सरकार स्तर पर विचार किया जा रहा है। इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
डॉ. आंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि के सम्मान पर जोर
उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लगाने की व्यवस्था की है। साथ ही डॉ. आंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं के आसपास बाउंड्रीवाल, छतरी और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है। यह कदम सामाजिक सम्मान और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आर्थिक सशक्तीकरण पर सरकार का फोकस
डॉ. निर्मल ने कहा कि स्टैंडअप इंडिया सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से दलित युवाओं और उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर समाज को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हाथ से मैला उठाने की प्रथा खत्म करने पर जोर
उन्होंने कहा कि घर-घर शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं ने हाथ से मैला उठाने की प्रथा को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही सीवर और नालों की सफाई के दौरान स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने का दावा
डॉ. निर्मल ने कहा कि विधान परिषद और राज्यसभा में आरक्षण का प्रावधान नहीं होने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार दलित समाज को इन सदनों में प्रतिनिधित्व दे रही है। इससे समाज की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिली है।
सामाजिक सम्मान और अधिकारों को मिला बल
उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के कारण दलित समाज में आत्मविश्वास बढ़ा है। शिक्षा, रोजगार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का लाभ समाज के बड़े वर्ग तक पहुंच रहा है।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार संतोष वाल्मीकि ने की। इस अवसर पर अमेरिका से आए वैज्ञानिक बच्चू लाल वाल्मीकि, मुन्ना सिंह धानु, पी.एल. भारती, राहुल वाल्मीकि, चंदन लाल वाल्मीकि, पूनम मलिक, रचना चंद्रा, प्यारे लाल वाल्मीकि, दिनेश लाल वाल्मीकि और नरेश वाल्मीकि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दलित उत्थान को लेकर सरकार के प्रयासों पर चर्चा
गोष्ठी में वक्ताओं ने दलित समाज के सामाजिक और आर्थिक उत्थान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए।
