Rajasthan News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर विश्व योगासन चैम्पियनशिप के पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग केवल अभ्यास नहीं, जीवन जीने की कला
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की अमूल्य धरोहर है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। इसलिए योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। आज दुनिया के अनेक देश योग के महत्व को स्वीकार कर रहे हैं और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन में अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक विरासत का ऐसा उपहार है जिसने विश्व को स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश दिया है।
राजस्थान के खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले राजस्थान के खिलाड़ियों की सराहना की।
राजस्थान के खिलाड़ियों ने भारत के लिए कुल 10 पदक जीते, जिनमें:
- 9 स्वर्ण पदक
- 1 रजत पदक
शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने खिलाड़ी
भजनलाल शर्मा ने कहा कि योगासन के क्षेत्र में राजस्थान के खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें और प्रदेश का नाम रोशन करें।
