Chhattisgarh News: शंकर नगर बीटीआई ग्राउंड के सामने बनेगी आधुनिक परियोजना, सरकार ने जारी की निविदा

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए पांच महत्वपूर्ण रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत कर दी है। इन परियोजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा टेंडर जारी कर दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करना, आधुनिक नागरिक सुविधाएं विकसित करना और शहरों की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना है।

पांच शहरों में विकसित होंगी परियोजनाएं

राज्य सरकार की रिडेवलपमेंट नीति के तहत रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा और जगदलपुर में ये परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। इनमें बीटीआई रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) और चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) शामिल हैं।

इन सभी परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है। वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनकी अनुमानित कीमत करीब 250.30 करोड़ रुपये आंकी गई है। हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड ने इन योजनाओं के लिए निविदाएं जारी कर दी हैं।

सरकार ने पूरी तैयारी के बाद बढ़ाया कदम

इन परियोजनाओं के लिए पहले प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए। इसके बाद निजी डेवलपर्स के चयन के लिए पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया तय की गई। मंत्रिपरिषद ने इन परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी, जबकि 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इनके अंतिम स्वरूप को स्वीकृति प्रदान की गई।

रायपुर की परियोजना पर सबसे अधिक नजर

राजधानी रायपुर की प्रस्तावित परियोजना को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह परियोजना शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड के सामने और सिंधु भवन के पास विकसित की जाएगी। यह इलाका पहले से ही शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।

परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं बढ़ेंगी और सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा। साथ ही यह क्षेत्र शहरी विकास का नया मॉडल बन सकता है।

जर्जर परिसंपत्तियों की जगह बनेगी आधुनिक अधोसंरचना

रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत अनुपयोगी और पुराने शासकीय भवनों तथा परिसंपत्तियों की जगह आधुनिक और सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। खास बात यह है कि इन परियोजनाओं के लिए सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सरकारी भूमि के मूल्य का उपयोग ही वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा।

इससे सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्तियों का सर्वोत्तम उपयोग भी सुनिश्चित होगा।

निजी निवेश और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के विकास को नई गति दे रही है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से जर्जर परिसंपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं में बदला जाएगा, जिससे शहरों की कार्यक्षमता और सौंदर्य दोनों बढ़ेंगे।

वहीं गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि ये योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे शहरी क्षेत्र के कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर की शंकर नगर परियोजना राजधानी के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित हो सकती है। साथ ही आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने भविष्य में आठ नई रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के प्रस्ताव भी जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं।