Greater Noida west

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इस सोसाइटी में छत से माँ-बेटे पर गिरा प्लास्टर!

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
Spread the love

Greater Noida west: गौतमबुद्ध नगर के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बनी हाईराइज सोसायटियों की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। लाखों और करोड़ों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने वाले लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने निवासियों के मन में डर पैदा कर दिया है। लोगों का आरोप है कि बिल्डरों ने प्रीमियम कीमत वसूलकर उन्हें ऐसे फ्लैट दिए हैं, जिनकी गुणवत्ता उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही।

निवासियों का कहना है कि हल्की आंधी या खराब मौसम के दौरान कभी दीवारों और छतों से प्लास्टर गिर जाता है तो कभी बेसमेंट में पानी भर जाता है। ऐसे में वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस घर को उन्होंने अपने सपनों का आशियाना समझकर खरीदा था, वही अब उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है।

अजनारा ली गार्डन में छत से गिरा प्लास्टर

ताजा मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित अजनारा ली गार्डन सोसायटी का है। यहां गुरुवार रात करीब सवा आठ बजे टावर-जी की 22वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 2205 में छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। सौभाग्य से हादसे के समय कोई व्यक्ति प्लास्टर के नीचे नहीं था, अन्यथा गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।

फ्लैट में रहने वाली रेखा दीक्षित ने बताया कि घटना के समय वह अपने बेटे के साथ बेड पर बैठी हुई थीं। प्लास्टर बेड के बिल्कुल पास गिरा। यदि यह सीधे बेड पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने मेंटेनेंस टीम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार दरारों और अन्य समस्याओं की शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। उनका आरोप है कि मेंटेनेंस विभाग अक्सर बाहरी मिस्त्री बुलाने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सोसायटी के निवासियों का कहना है कि प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। इससे पहले भी कई बार ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद बिल्डर और मेंटेनेंस प्रबंधन गंभीरता नहीं दिखाते।

हाल ही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसायटी में प्लास्टर गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी यदि निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं तो भविष्य में और बड़े हादसों की आशंका बनी रहेगी।

इको विलेज-1 में कार पर गिरा प्लास्टर

दूसरी घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इको विलेज-1 सोसायटी में सामने आई। गुरुवार रात तेज आंधी के दौरान टावर-ई की लगभग 20वीं मंजिल से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे पार्किंग में खड़ी एक कार पर गिर गया।

यह कार निवासी अंकुर अग्रवाल की थी, जो खुले पार्किंग क्षेत्र में खड़ी थी। प्लास्टर गिरने से कार को काफी नुकसान पहुंचा। शुक्रवार सुबह जब वाहन मालिक ने अपनी गाड़ी देखी तो उन्हें घटना की जानकारी मिली। कार के ऊपर प्लास्टर के बड़े टुकड़े पड़े हुए थे और वाहन क्षतिग्रस्त हो चुका था।

गनीमत यह रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि किसी राहगीर या निवासी के ऊपर यह प्लास्टर गिरता तो गंभीर जानमाल का नुकसान हो सकता था।

मेंटेनेंस चार्ज के बावजूद सुरक्षा पर सवाल

इको विलेज-1 के निवासियों ने घटना के बाद नाराजगी जताते हुए कहा कि उनसे नियमित रूप से भारी मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा के बुनियादी मानकों का पालन नहीं हो रहा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और निरीक्षण किया जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

निवासियों ने पूरे परिसर का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जहां भी निर्माण से जुड़ी खामियां हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग

दोनों घटनाओं के बाद निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करीब दस वर्ष पुरानी इमारतों में इस तरह प्लास्टर गिरना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

निवासियों का मानना है कि केवल मरम्मत ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे परिसर की तकनीकी जांच कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कहीं इमारत की संरचना में कोई गंभीर खामी तो नहीं है।

बढ़ रही है सुरक्षा को लेकर चिंता

लगातार सामने आ रही घटनाओं ने ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यापक निरीक्षण और मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

ऐसे में अब निवासियों की सबसे बड़ी मांग यही है कि सभी पुरानी हाईराइज इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए, निर्माण गुणवत्ता की जांच हो और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों का अपने घरों पर भरोसा कायम रह सके।