Greater Noida west

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट वालों के लिए खुशखबरी, D मार्ट, बिसरख चौक से जेवर एयरपोर्ट के लिए बस शुरू

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र और आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित ई-सिटी बस सेवा का शुभारंभ हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लखनऊ से वर्चुअल रूप से हरी झंडी दिखाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। इस सेवा के शुरू होने के साथ ही ग्रेटर नोएडा, यीडा क्षेत्र और जेवर के लाखों लोगों को सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने का रास्ता खुल गया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में विधायक Tejpal Nagar, एमएलसी Shrichand Sharma और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ N.G. Ravi Kumar ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं यीडा क्षेत्र के सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क परिसर में विधायक Dhirendra Singh और यीडा के सीईओ Rakesh Kumar Singh ने इलेक्ट्रिक बसों के साथ तीन हाइड्रोजन बसों को भी संचालन के लिए रवाना किया।

किसानों ने किया पहला सफर, एयरपोर्ट तक पहुंची पहली बस

नई बस सेवा के पहले यात्री क्षेत्र के किसान बने। किसानों ने बसों में सफर कर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की यात्रा की। एयरपोर्ट पहुंचकर उन्होंने परिसर का भ्रमण किया, फोटो खिंचवाए और जलपान भी किया। बस सेवा के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर के बीच सार्वजनिक परिवहन का एक नया नेटवर्क तैयार हो गया है।

मात्र 20 रुपये से शुरू होगा किराया

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया बेहद किफायती रखा गया है। न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है। बसों में वातानुकूलित सुविधा, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है। शुरुआती चरण में बसें प्रति घंटे संचालित होंगी। 15 जून तक ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की बसें स्थानीय रूटों पर चलेंगी, जबकि एयरपोर्ट पर नियमित उड़ान सेवाएं शुरू होने के बाद बसों का संचालन सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन तकनीक से मिलेगा हरित परिवहन

यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के साथ शुरू की गई हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें प्रदूषण मुक्त परिवहन का उदाहरण बनेंगी। विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में लंबे समय से सिटी बस सेवा की मांग थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरा किया गया है।

विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बसों का संचालन न केवल नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना सिटी क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन

यीडा क्षेत्र में शुरू की गई हाइड्रोजन बस परियोजना कई मायनों में विशेष है। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रक्रिया से प्रतिदिन लगभग 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो लगभग 1750 पेड़ लगाने के बराबर माना जाता है।

हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण नहीं होता। अनुमान है कि इससे हर वर्ष लगभग 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। यह परियोजना देश का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूलिंग स्टेशन भी मानी जा रही है।

इन बसों में एक बार में 42 यात्री सफर कर सकते हैं। एक बस में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकती है, जिससे यह लगभग 750 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

ग्रेटर नोएडा के लिए चार प्रमुख बस रूट

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में चार प्रमुख बस रूट निर्धारित किए गए हैं। पहला रूट चार मूर्ति से शुरू होकर डी-मार्ट, बिसरख मोड़, ऐस सिटी, सूरजपुर, परी चौक, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, दनकौर, मिर्जापुर, फलैंदा, दयानतपुर, जेवर कट और साबौता होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। इस रूट की लंबाई 68 किलोमीटर है और इसमें 23 स्टॉपेज हैं।

दूसरा रूट चार मूर्ति से शुरू होकर कासना, जिम्स, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, गौड़ यमुना सिटी और जेवर क्षेत्र को जोड़ते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। यह रूट 82 किलोमीटर लंबा है और इसमें 32 स्टॉपेज निर्धारित किए गए हैं।

तीसरा रूट मकौड़ा रोटरी, एटीएस डोल्से, गामा-2, शारदा यूनिवर्सिटी, एक्सपो मार्ट, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, गौड़ यमुना सिटी, रबूपुरा और जेवर क्षेत्र को जोड़ते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। इसकी लंबाई 55 किलोमीटर है।

चौथा रूट सेक्टर ईकोटेक-16 से शुरू होकर वैभव हेरिटेज, गैलेक्सी रोटरी, स्पर्श ग्लोबल स्कूल, यथार्थ अस्पताल, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, दनकौर, मिर्जापुर, गौड़ यमुना सिटी और जेवर क्षेत्र को जोड़ते हुए एयरपोर्ट-किशोरपुर तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई 74 किलोमीटर है और इसमें 27 स्टॉपेज होंगे।

यीडा क्षेत्र के लिए नौ विशेष रूट

यीडा क्षेत्र में नौ अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। ये रूट रबूपुरा, जहांगीरपुर, मकनपुर, दनकौर, बिलासपुर, नीमका, जेवर, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, गौड़ यमुना सिटी, सेक्टर-150, बोटेनिकल गार्डन, सिटी सेंटर नोएडा और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेंगे।

इन रूटों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पहली बार सीधे विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, प्रशासनिक कार्यालयों, औद्योगिक क्षेत्रों और नोएडा एयरपोर्ट तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।

शिक्षा, उद्योग और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा लाभ

नई बस सेवा से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, जिम्स, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे छात्रों, कर्मचारियों, किसानों, उद्योगों और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और क्षेत्र में यातायात का दबाव भी घटेगा।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार

ई-सिटी बस सेवा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के साथ जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन पहल माना जा रहा है। यह परियोजना केवल यात्रा को आसान नहीं बनाएगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा, यमुना सिटी और जेवर क्षेत्र में निवेश, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी। इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित यह पहल भविष्य के हरित और स्मार्ट परिवहन मॉडल की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।