UP News: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार

उत्तरप्रदेश
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UP News: उत्तर प्रदेश में बेटियों के सशक्तीकरण और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज लाखों परिवारों के लिए भरोसे का नाम बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित यह योजना जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना और परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।

27 लाख से अधिक बेटियों को मिला लाभ

राज्य सरकार के अनुसार अब तक 27,37,703 बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिल चुका है। योजना के तहत कुल 674.15 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंच रही है और बड़ी संख्या में परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है।

सरकार का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने और उन्हें आगे बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

डीबीटी और डिजिटल व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

योगी सरकार ने योजना के संचालन में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाती है। इसके साथ ही पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

इस डिजिटल व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। समय पर सहायता राशि मिलने से लोगों का भरोसा भी योजना पर लगातार बढ़ रहा है।

छह चरणों में मिलती है 25 हजार रुपये की सहायता

साल 2019 में शुरू हुई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं को जीवन के विभिन्न महत्वपूर्ण चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के अंतर्गत कुल 25,000 रुपये की सहायता छह चरणों में प्रदान की जाती है।

बच्ची के जन्म पर 5,000 रुपये, एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये, कक्षा-1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा-6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा-9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये तथा इंटरमीडिएट या हाईस्कूल पास करने के बाद डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं।

बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिल रहा बढ़ावा

इस योजना से परिवारों को बेटियों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों में मदद मिल रही है। आर्थिक सहायता मिलने से बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने में सुविधा हो रही है और परिवारों का वित्तीय दबाव कम हो रहा है। यही कारण है कि योजना का लाभ लगातार बढ़ रहा है।

महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इन्दुमती के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन रही है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। यह योजना बेटियों को शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।