Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम लोगों की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करना है। बिलासपुर प्रवास के दौरान सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इस बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबे समय से लंबित प्रकरणों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व मामले सीधे लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में देरी से नागरिकों को परेशानी होती है। इसलिए एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
पेयजल संकट और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार के लिए पहले से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
खरीफ सीजन की तैयारियों की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण तथा वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने को कहा। उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने की बात कही। उनका मानना है कि संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ेगा और खेती की लागत भी कम होगी।
कृषि क्षेत्र में महिलाओं को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। इससे महिलाएं तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सुशासन तिहार से बढ़ा जनता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं प्रदेश के विभिन्न समाधान शिविरों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह साबित करती है कि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान का अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद और भरोसे को मजबूत करने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार यही सुशासन है।

