Bihar News: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), क्षेत्रीय कार्यालय पटना ने बापू टावर, पटना के सहयोग से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में वृत्तचित्र प्रदर्शन, व्याख्यान श्रृंखला और अर्ध-शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति जैसे कई आकर्षक आयोजन किए गए।

‘जब नदी जागी’ वृत्तचित्र बना मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण श्री दीपेश चंद्र द्वारा निर्देशित वृत्तचित्र ‘जब नदी जागी’ का प्रदर्शन रहा। इस वृत्तचित्र में बिहार के सीतामढ़ी जिले की लखनदेई नदी के पुनर्जीवन की प्रेरणादायक कहानी दिखाई गई। फिल्म में बताया गया कि किस प्रकार स्थानीय समुदायों और विभिन्न हितधारकों ने मिलकर नदी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास किए। वृत्तचित्र ने दर्शकों को नदियों के पारिस्थितिक महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में शामिल हुए कई प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीसीआर पटना की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती स्वधा रिज़वी (आईएफएस) और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना श्रीमती नीलम चौधरी ने किया। इस अवसर पर बापू टावर के उपनिदेशक श्री ललित कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों, विद्यार्थियों, सरकारी अधिकारियों, संस्कृति प्रेमियों और आम नागरिकों सहित 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह बड़ी भागीदारी पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
पर्यावरण और नदी संरक्षण पर हुई सार्थक चर्चा
कार्यक्रम के दौरान एक विचार-विमर्श सत्र का भी आयोजन किया गया। इसमें लखनदेई नदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं पुरातत्वविद् श्री रामशरण अग्रवाल, प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती आशा प्रभात और सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर आनंद किशोर ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, नदी बचाओ अभियान, सांस्कृतिक धरोहरों के महत्व और सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय चेतना बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

‘साज़-ए-फ़िज़ा’ ने बांधा समां
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में श्री राजीव सिन्हा और उनके समूह द्वारा अर्ध-शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम ‘साज़-ए-फ़िज़ा’ प्रस्तुत किया गया। प्रकृति, संतुलन और सामंजस्य से प्रेरित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। संगीत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और शांति का संदेश बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
आईसीसीआर पटना ने इस कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृति, कला और बौद्धिक विमर्श के जरिए समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम पर्यावरणीय चेतना फैलाने, प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी के भाव को मजबूत करने का एक सार्थक मंच साबित हुआ। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।

