Chhattisgarh News

Chhattisgarh News: जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़
Spread the love

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन-प्रशासन की सफलता का असली पैमाना जनता के प्रति संवेदनशीलता, जवाबदेही और सेवा भावना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की समस्याओं को केवल सुना ही न जाए, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को बनाया जाएगा और अधिक प्रभावी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी की जाएगी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी और इससे सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

लंबित राजस्व प्रकरणों के निपटारे के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

साथ ही राजस्व अभिलेखों में जानबूझकर त्रुटियां करने वाले कर्मचारियों और पटवारियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

सुशासन तिहार और जनसमस्याओं के समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयोजित सुशासन तिहार ने शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा

गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित जल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि मौसमी बीमारियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

खरीफ सीजन और किसानों के हितों पर विशेष फोकस

बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए किसानों को समय पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

ड्रोन दीदी और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।

आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन और बिहान योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलनी चाहिए।

शिक्षा, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर भी चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

बड़ी तस्वीर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से बेहतर समन्वय, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनता के प्रति संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।