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Chhattisgarh News:छत्तीसगढ़ में स्मार्ट पंजीयन मॉडल लागू, अब सिर्फ 20 मिनट में होगी रजिस्ट्री

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में पंजीयन व्यवस्था को आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पंजीयन विभाग में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं, जिससे अब रजिस्ट्री जैसी प्रक्रियाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो गई हैं।

4-6 घंटे की प्रक्रिया अब 15-20 मिनट में पूरी

पहले किसी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार प्रक्रिया पूरी होने में एक से दो दिन तक लग जाते थे। लेकिन अब डिजिटल तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं की मदद से यही काम केवल 15 से 20 मिनट में पूरा हो रहा है।

इससे लोगों के समय, धन और मेहनत की बड़ी बचत हो रही है।

एक साल में सभी 119 पंजीयन कार्यालय होंगे स्मार्ट

राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है।

पहले चरण में जिन 10 कार्यालयों को स्मार्ट बनाया जा रहा है, उनमें शामिल हैं—

  • नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग
  • बेबीलॉन टॉवर, रायपुर
  • श्रीराम बिजनेस पार्क
  • सड्डू
  • रायगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर
  • दुर्ग
  • बिलासपुर
  • कुनकुरी
  • अभनपुर
  • तिल्दा

लोगों को मिल रही आधुनिक सुविधाएं

स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में नागरिकों को कई नई सुविधाएं दी जा रही हैं।

मुख्य सुविधाएं:

  • वातानुकूलित (एसी) वेटिंग लाउंज
  • निःशुल्क वाई-फाई
  • मोबाइल चार्जिंग स्टेशन
  • स्वच्छ पेयजल
  • आधुनिक शौचालय
  • हेल्प डेस्क
  • प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर
  • व्यवस्थित बैठने की सुविधा

इन सुविधाओं से पंजीयन कार्यालय अब आधुनिक सेवा केंद्रों की तरह दिखाई देने लगे हैं।

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डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

नई व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।

अब नागरिकों को मिल रही हैं:

  • टोकन सिस्टम
  • व्हाट्सएप नोटिफिकेशन
  • कैशलेस भुगतान सुविधा
  • खसरा नंबर से ऑनलाइन संपत्ति जानकारी
  • डिजीलॉकर के माध्यम से दस्तावेज उपलब्धता

इन सुविधाओं से न केवल प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी काफी हद तक समाप्त हुई है।

लाभार्थियों ने जताई खुशी

रायगढ़ के निवासी आशीष अग्रवाल ने बताया कि पहले पंजीयन कार्यालय में आने पर काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है।

उन्होंने कहा कि बैठने की बेहतर व्यवस्था, एसी, ठंडा पानी और सुव्यवस्थित वातावरण के कारण लोगों को काफी राहत मिल रही है।

पेपरलेस और डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

राज्य सरकार पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ रही है।

सरकार का मानना है कि यह मॉडल “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के विजन को जमीन पर उतारने का सफल उदाहरण है।

नई दिशा में बढ़ता प्रदेश

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल यह दिखाता है कि तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाओं को अधिक सरल और नागरिकों के अनुकूल बनाया जा सकता है। राज्य की यह पहल न केवल लोगों को बेहतर सुविधाएं दे रही है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनकर उभर रही है।