Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिख गुरुओं के साहस, त्याग और बलिदान को देश की अमूल्य विरासत बताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणादायक गाथाएं आज भी नई पीढ़ियों को सही रास्ता दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने हमेशा धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका इतिहास वीरता, सेवा और समर्पण की मिसाल रहा है, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
सिख समुदाय के योगदान को बताया प्रेरणा स्रोत
चंडीगढ़ में आयोजित एक धन्यवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिख समुदाय ने इतिहास के हर दौर में अद्भुत साहस और बलिदान का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सिखों ने अपने धर्म और मूल्यों की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दे दिया, लेकिन कभी अन्याय और अत्याचार के सामने झुके नहीं। उनका यह गौरवशाली इतिहास पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
गुरु नानक देव से गुरु गोबिंद सिंह तक की महान परंपरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव से लेकर दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह तक सभी गुरुओं ने मानवता को सेवा, समानता और साहस का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन गुरुओं की शिक्षाएं केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उनके विचार आज भी समाज को एकता और भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
गुरु तेग बहादुर और साहिबजादों के बलिदान को किया याद
नायब सिंह सैनी ने गुरु तेग बहादुर के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उन्हें ‘हिंद दी चादर’ बताया। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत को भी याद किया और कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास की सबसे प्रेरणादायक घटनाओं में से एक है। यह त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रभक्ति और साहस की सीख देता रहेगा।
केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब, चमकौर साहिब, अमृतसर और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर विरासत सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन और अमृतसर से तख्त श्री हजूर साहिब तक हवाई संपर्क जैसी योजनाएं भी सिख समुदाय के लिए महत्वपूर्ण पहल हैं।
सिख महापुरुषों के नाम पर हो रहे विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिख गुरुओं और महापुरुषों के सम्मान में कई संस्थानों और परियोजनाओं का नामकरण कर रही है। यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखा गया है। वहीं अंबाला के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम भी उनके सम्मान में बदला गया है। इसके अलावा टोहाना-जिंद-धमतान साहिब रोड का नाम श्री गुरु तेग बहादुर मार्ग रखा गया है। असंध के कॉलेज का नाम बाबा फतेह सिंह के नाम पर रखा गया है।
वीर बाल दिवस के जरिए दी जा रही नई पीढ़ी को प्रेरणा
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर साल 26 दिसंबर को पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को सिख गुरुओं के आदर्शों और उनके त्याग से परिचित कराना है ताकि वे देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें।
