Chhattisgarh News: श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिख समाज द्वारा विशाल छबील सेवा और छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने गुरु अर्जुन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बलिदान को मानवता, सत्य, सेवा और धर्म की रक्षा का अमर संदेश बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और राहगीरों को शरबत तथा प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में भागीदारी निभाई। इस अवसर पर सिख समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और आत्मीय स्वागत किया।
छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखाई गई गुरु अर्जुन देव जी की प्रेरक यात्रा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में लगाई गई विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में गुरु अर्जुन देव जी के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया था। उनके जन्म से लेकर शहादत तक की पूरी यात्रा को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमंदिर साहिब के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, मुगल शासक जहांगीर के साथ वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी और यातनाओं के बीच उनकी अटूट आस्था का विस्तृत चित्रण किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को इतिहास और महान व्यक्तित्वों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

गुरु अर्जुन देव जी के जीवन से मिलती है सेवा और सत्य की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका जीवन प्रेम, समानता, करुणा और मानव कल्याण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय और अत्याचार के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि असहनीय यातनाओं के बावजूद गुरु अर्जुन देव जी का धैर्य, साहस और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
छबील सेवा को बताया मानवता का जीवंत उदाहरण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित छबील सेवा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मानवता और परोपकार की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी में राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सिख परंपरा में छबील सेवा भाईचारे, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम रही है। यह सेवा समाज में संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग का संदेश देती है।

गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए गुरु साहिब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे।
उन्होंने इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिख समाज की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी विरासत और महान संतों के योगदान से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सिख समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
