Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पहला स्थान मिलने की खुशी में शनिवार को 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (PTM) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लेकर शिक्षा के इस महा उत्सव को सफल बनाया।
शिक्षा में नंबर-1 बनने की खुशी में विशेष आयोजन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने यह विशेष कार्यक्रम राज्य को नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पहला स्थान मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित किया।
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब ने स्कूली शिक्षा के कई महत्वपूर्ण मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
20 लाख से अधिक अभिभावकों की भागीदारी
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की पढ़ाई, ग्रीष्मकालीन अवकाश में सीखने की निरंतरता, होमवर्क प्रबंधन और सकारात्मक दिनचर्या जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
शिक्षकों और मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा:
- बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स
- जेईई (JEE) परीक्षा में सफल छात्र
- इंग्लिश एज कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी
- अन्य मेधावी छात्र
को भी सम्मान पत्र और पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षकों को पहले से दिया गया प्रशिक्षण
मेगा पीटीएम के सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को पहले ही ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया था।
लाइव यूट्यूब सत्रों के माध्यम से उन्हें कार्यक्रम संचालन और अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद के बारे में जानकारी दी गई।
स्कूल प्रबंधन समितियों और सहयोगी स्टाफ ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकारी स्कूल बने पहली पसंद
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब सरकारी स्कूलों को अंतिम विकल्प माना जाता था, लेकिन अब ये अभिभावकों और छात्रों की पहली पसंद बन रहे हैं।
उनके अनुसार, यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं बल्कि शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
शिक्षा क्रांति का नया अध्याय
हरजोत बैंस ने इसे “पंजाब शिक्षा क्रांति” का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि राज्य ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की नंबर-1 रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा सुधारों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।
बड़ी तस्वीर
19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में आयोजित मेगा पीटीएम केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का सामूहिक उत्सव था। सरकार का मानना है कि अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की साझेदारी से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है तथा आने वाले वर्षों में भी राज्य अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखेगा।
