Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना को और मजबूत करने का फैसला किया है। अब पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
श्रम विभाग के सचिव और श्रमायुक्त Himshikhar Gupta ने मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
नए सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 की गईं
सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र से इस योजना के तहत सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी है।
इस योजना के तहत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रदेश के श्रेष्ठ आवासीय निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। बच्चों की पढ़ाई, रहने और अन्य सुविधाओं का पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा।
अपात्र को लाभ मिला तो होगी कार्रवाई
श्रमायुक्त Himshikhar Gupta ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि योजना का लाभ सिर्फ पात्र लोगों को ही मिले।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अपात्र व्यक्ति को योजना का फायदा मिलता है या किसी तरह की शिकायत सामने आती है तो संबंधित जिले के श्रम अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिकों के पंजीयन पर जोर
बैठक में श्रमिकों के पंजीयन और नवीनीकरण को लेकर भी समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर योजनाओं का क्रियान्वयन पूरा करने के निर्देश दिए।
श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस
बैठक में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को कारखानों का नियमित निरीक्षण करने और श्रमिकों की संख्या का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि ठेकेदार जितने श्रमिकों के लाइसेंस लेते हैं, उतने ही श्रमिक वास्तव में कार्यरत हों।
कई योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना और शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना जैसी कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना और असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
श्रमिकों के लिए अलग मंडलों का गठन
प्रदेश में संगठित और असंगठित श्रमिकों के लिए अलग-अलग मंडलों का गठन किया गया है। इन मंडलों के जरिए श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
सरकार का कहना है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं देकर उनका भविष्य मजबूत बनाया जाएगा।
