Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा लक्ष्य, 5000 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे

झारखंड
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Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने राज्य में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार अब राज्यभर में 5000 “सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस” विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। इसलिए सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य सरकार चाहती है कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिल सकें।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल

सरकार की योजना के तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और बेहतर खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा छात्रों के लिए साफ-सफाई, पेयजल और बैठने की बेहतर व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है ताकि बच्चे आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़ सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं को तेजी से मजबूत किया जाए।

ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों पर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बच्चों को अभी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में बेहतर स्कूल विकसित करके शिक्षा का स्तर सुधारा जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक स्थिति या स्थान के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो। स्कूल ऑफ एक्सीलेंस मॉडल के जरिए बच्चों को बेहतर शिक्षक, आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी माहौल मिलेगा।

शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल भवन और सुविधाएं ही नहीं, बल्कि शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारना भी सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और नई शिक्षण तकनीकों से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।

सरकार छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल विकास पर भी ध्यान दे रही है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल झारखंड के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिक्षा के जरिए राज्य के विकास का लक्ष्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम मानती है। राज्य में बेहतर शिक्षा व्यवस्था से युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में झारखंड के सरकारी स्कूल देश के बेहतरीन स्कूलों में शामिल होंगे। सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है ताकि हर बच्चे को उज्ज्वल भविष्य मिल सके।