Punjab News: पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Bhagwant Singh Mann सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत अब तक करीब 4,600 घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) सर्जरी की जा चुकी हैं। इस पहल ने हज़ारों मरीजों को फिर से चलने-फिरने की आज़ादी दी है, जो पहले दर्द और आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करवा पा रहे थे।
कैशलेस सर्जरी से मिला राहत का रास्ता
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कि यह पूरी तरह कैशलेस सर्जरी प्रदान करती है। पहले जहां घुटना प्रत्यारोपण का खर्च 50,000 से 1 लाख रुपये तक होता था, वहीं अब मरीज आधार कार्ड और सेहत कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए इलाज आसान हो गया है।
दर्द से आज़ादी की असली कहानियां
इस योजना के तहत कई मरीजों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है।
- सुखविंदर कौर, जो वर्षों से घुटने के दर्द से परेशान थीं, अब बिना दर्द के चल पा रही हैं।
- परमजीत कौर, जिनके लिए खड़ा होना भी मुश्किल था, अब सर्जरी के बाद सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं।
ऐसी कई कहानियां पूरे पंजाब से सामने आ रही हैं, जो इस योजना की सफलता को दिखाती हैं।

अस्पतालों में बढ़ी सर्जरी की संख्या
डॉक्टरों के अनुसार, इस योजना के बाद सर्जरी की संख्या में तेजी आई है। पहले जहां महीने में लगभग 80 सर्जरी होती थीं, अब यह बढ़कर 120-130 तक पहुंच गई हैं। इसका मुख्य कारण है इलाज का सस्ता और सुलभ होना।
ऑस्टियोआर्थराइटिस के मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ
अधिकतर मरीज ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित होते हैं, जिसमें जोड़ों की हड्डियों के बीच का कार्टिलेज खराब हो जाता है और तेज दर्द होता है। घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी में खराब जोड़ को हटाकर उसकी जगह नया कृत्रिम जोड़ लगाया जाता है, जिससे मरीज को राहत मिलती है।
पूरे पंजाब में दिख रहा असर
यह योजना केवल एक शहर तक सीमित नहीं है।
- बठिंडा, तरनतारन और अन्य जिलों में भी मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है
- जिला अस्पतालों से लेकर बड़े मेडिकल संस्थानों तक इलाज उपलब्ध है
इससे राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ केवल एक मेडिकल स्कीम नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव भी है। अब लोग खर्च के डर से इलाज टाल नहीं रहे, बल्कि समय पर सर्जरी करवा रहे हैं। इससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।
पंजाब में यह योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बनकर उभर रही है। हजारों लोगों को दर्द से राहत और नई जिंदगी देने वाली यह पहल दिखाती है कि सही नीतियों के जरिए समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। अब अस्पतालों में दर्द की जगह राहत और उम्मीद की नई कहानी लिखी जा रही है।
