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MP News: मंदसौर में सीएम मोहन यादव ने भगवान पशुपतिनाथ लोक का भव्य लोकार्पण किया

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक का भव्य लोकार्पण किया, जो शिवना नदी के किनारे स्थित है और अब एक नई तीर्थस्थली के रूप में विकसित हुआ है। इस परियोजना का पहला चरण लगभग ₹25 करोड़ की लागत से पूरा हुआ है, जिसमें भक्तों और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ तैयार की गई हैं।

पूजा-अर्चना और ई-कार्ट भ्रमण

लोकार्पण समारोह में सबसे पहले सीएम मोहन यादव ने पशुपतिनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और रजत प्रतिमा के सामने श्रद्धा भरे मत्था टेकते हुए मनोकामनाएँ लीं। इसके बाद उन्होंने ई-कार्ट में बैठकर पूरे पशुपतिनाथ लोक का भ्रमण किया और विकसित किए गए निर्माण कार्यों की भव्यता और सुव्यवस्थित व्यवस्था का आनंद लिया।

मंदिर परिसर में नई सुविधाएँ

नए विकसित पशुपतिनाथ लोक में भक्तों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं जैसे चार प्रवेश द्वार, सुव्यवस्थित पाथवे, ओपन-एयर थिएटर, सत्संग भवन, उद्यान और प्राथमिक चिकित्सा कक्ष। इसके साथ ही मंदिर परिसर में म्यूरल वॉल (चित्र दीवार) और सेल्फी प्वाइंट जैसे आकर्षण भी हैं, जो श्रद्धालुओं का अनुभव और भी सुंदर बनाते हैं।

MP News: त्रिनेत्र रुद्राकनी और यज्ञशाला

लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 फीट ऊँची त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण भी किया, जो भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप का प्रतीक है। इसके बाद उन्होंने एम्फी थिएटर परिसर में स्थापित यज्ञशाला में मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति दी, जिससे आयोजन और भी आध्यात्मिक बन गया।

शिवना नदी के तट पर तीर्थनगरी का नया स्वरूप

पशुपतिनाथ लोक अब एक आस्था और धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। शिवना नदी के तट पर यह परिसर पहले की तुलना में अब अधिक सुव्यवस्थित, भव्य और सुविधाजनक बन गया है, जिससे श्रद्धालु आसानी से दर्शन-पूजन कर सकते हैं और आसपास की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। मंदसौर में पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण सीएम मोहन यादव द्वारा एक बड़ा आध्यात्मिक और पर्यटन-मूलक कदम माना जा रहा है। लगभग ₹25 करोड़ की लागत से बनी यह तीर्थस्थली अब भक्तों और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ एक आकर्षक स्थल बन चुकी है। प्रशासन की यह कोशिश धार्मिक भक्ति के साथ-साथ आत्मिक अनुभव और सांस्कृतिक पर्यटन दोनों को बढ़ावा देती है।