Bihar: नीतीश सरकार की इस योजना से हजारों भिखारियों की बदल गई जिंदगी, अब करते हैं अच्छी कमाई
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के कारगर योजनाओं के कारण आज बिहार (Bihar) में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। आपको बता दें कि बिहार के जो भिखारी पहले भीख मांगने को मजबूर थे आज बिहार सरकार (Bihar Government) की योजना से खुद कमाई करने लगे हैं। बिहार की नीतीश सरकार (Nitish Government) ने बीते कुछ सालों में हजारों भिखारियों की जिंदगी बदल दी है। बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की तरफ से चलाई जा रही मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना ने हजारों भिखारियों को सम्मानपूर्ण नई जिंदगी दी है। इस योजना के कारण से बिहार के 9 हजार 226 भिखारियों को भिक्षावृत्ति के अभिशाप से छुटकारा मिल गया है। वहीं बिहार सरकार ने 1, 873 भिक्षुओं को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। कभी भिक्षावृत्ति कर जीवनयापन करने वाले ये भिखारी अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुके हैं।
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प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत सरकार भिक्षुओं को न सिर्फ इस अभिशाप से छुटकारा दिला रही है बल्कि उन्हें स्वरोजगार से भी जोड़ने का काम कर रही है। बुजुर्ग और अशक्त भिक्षुओं के लिए भिक्षुक पुनर्वास गृह की भी स्थापना की गई है। बिहार समाज कल्याण विभाग की तरफ से चलाए जा रहे पुरुष और महिला सेवा कुटीर में भिक्षुकों को लाकर उनकी काउंसिलिंग और रोजगार से जोड़ने का काम हो रहा है। इस विषय में कई उदाहरण भी सामने आए हैं, जो इन योजनाओं का लाभ उठाते हुए सफलता की नई कहानियां गढ़ रहे हैं।
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पहले क्या करते थे और अब जानिए क्या कर रहे हैं
मोनू कुमार (बदला हुआ नाम) लहेरियासराय स्टेशन (Laheriyasarai Station), दरभंगा (Darbhanga) के पास पहले भीख मांगते थे। दरभंगा के पुरुष सेवा कुटीर लाकर उनकी काउंसिलिंग की गई। युवक मानसिक रुप से परेशान और नशे की लत की वजह से भीख मांगने को मजबूर था। काउंसिलिंग के बाद उसने भिक्षावृत्ति को ठुकराया। साथ ही नशे की लत से छुटकारा पाने का संकल्प लिया। उसने मेहनत करके सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने का मन बनाया। बिहार सरकार के प्रयास से अब वह अपने परिवार के साथ खुश है।
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नीतीश सरकार के प्रयास से बदल रहा लोगों का जीवन
पटना के गांधी मैदान (Gandhi Maidan) और आस-पास के क्षेत्रों में भिक्षावृत्ति कर रही आशा देवी (काल्पनिक नाम) को रेस्क्यू कर महिला सेवा कुटीर लाया गया। उन्हें इस योजना के विशय में जानकारी दी गई। काउंसिलिंग के दौरान भिक्षावृत्ति छोड़कर उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित किया गया। इससे फायदा यह हुआ कि आज वे अब अपनी चाय की दुकान चला रही हैं। इससे उन्हें हरदिन 1000 रुपये की कमाई होती है। अब वे दूसरे भिक्षुओं को भी भिक्षावृत्ति छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह योजना सिर्फ भिक्षावृत्ति समाप्त करने का ही नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने और भिक्षुओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास भी है। इससे भिक्षुकों को रोजगार, पुनर्वास और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मौका मिल रहा है। बिहार सरकार की मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना ने भिक्षुओं को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर दिया है। यह योजना सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो रही है।

