सुपरटेक2: सॉफ्ट से गिरे बच्चों का हेल्थ अपडेट जरूर पढ़ें

बिल्डर की एक गलती और दो परिवारों की जिंदगी नरक। ठीक समझा आपने हम बात कर रहे हैं ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West) की सोसायटी सुपरटेक ईकोविलेज-2(Eco Village-2) की। जहां दो बच्चे पिछले एक हफ्ते से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। जिसमें से एक बच्चा सुपरटेक ईकोविलेज-2 का है जबकि दूसरा […]

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सुपरटेक-1 में दस्तक देने को तैयार ये जानलेवा बीमारी 

खबर ग्रेटर नोएडा वेस्ट(Greater Noida West) की सोसायटी सुपरटेक ईकोविलेज-1(Supertech Ecovillage-1) से है। जहां फ्लैट खरीदने वाले शायद अपनी किस्मत को कोस ही रहे हैं। महीनों से लोग बिजली की समस्या से दो-चार हो रहे हैं। रात में घंटों लाइट का ना होना बच्चे और बुजुर्गों के लिए परेशानी की सबब बनता जा रहा है। ऊपर से DG के हाई चार्ज ने भी लोगों को दुखी कर रखा है। लेकिन अब एक नई समस्या यहां के निवासियों के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है। वो है सुपरटेक ईकोविलेज-1 में जहां तहां फैली गंदगी। जिसकी वजह से एक जानलेवा बीमारी कभी भी दस्तक दे सकती है।

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सुपरटेक2 के सॉफ्ट से गिरे दोनों बच्चों के लिए दुआ कीजिए, इनकी हालत आपको रूला देगी

मामला सुपरटेक ईकोविलेज-2(Supertech Ecovillage-2) के B-6 टावर का है। 12 साल के सिद्धार्थ और 10 साल के अविक दोनों मौसेरे भाई हैं। सिद्धार्थ ईकोविलेज2 में अपने फैमिली के साथ रहता है जबकि अविक ग्रेटर नोएडा वेस्ट के ही गैलेक्सी वेगा का रहने वाला है। मंगलवार की देर शाम अविक परिवार समेत अपने भाई सिद्धार्थ के यहां गया। दोनों बच्चे ईकोविलेज-2 के B-6 टावर के कॉरिडोर में क्रिकेट खेलने लगे। कॉरिडोर का सॉफ्ट कार्डबोर्ड से ढका हुआ था। बच्चे दौड़-भाग कर रहे थे। दौड़ते दौड़ते अविक का पैर स्लिप हो गया और वो सॉफ्ट की तरफ गिरने लगा। सिद्धार्थ अविक को बचाने दौड़ा और वो भी 9वीं मंजिल से नीचे बेसमेंट में गिर गया। दोनों बच्चों के गिरने से टावर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोनों को नोएडा सेक्टर-71 के कैलाश हॉस्पिटल एडमिट(KAILASH HOSPITAL) करवाया गया।

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MBA टैक्सी ड्राइवर की कहानी आपको इमोशनल कर देगी

बात बहुत इंटरेस्टिंग थी मैन कहा फिर, कोरोना और लॉक डाउन के चलते बन्द हो गया।  उसने कहा रेस्टोरेंट बन्द हुआ तो मैं काफी परेशान हो गया। सोचने लगा कैसे दिन गुजारुंगा..। फिर मैंने टैक्सी लाइन में आने की सोची। मैंने दो सेकेंड हैंड गाड़ियां खरीदी और चलाने लगा। धीरे-धीरे अपनी कहानी बताते बताते वो इमोशनल हो गया।

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