UP News: लखनऊ, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में अब तक 20 हजार अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं, जबकि पिछले पांच वर्षों में करीब 1.75 लाख तालाबों का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया है। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों पर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता, कृषि, पर्यावरण और आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
अमृत सरोवर निर्माण में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर
उत्तर प्रदेश अमृत सरोवर निर्माण के मामले में देश में पहले स्थान पर है। देशभर में बने कुल अमृत सरोवरों में लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है। राज्य ने इस उपलब्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहे मध्य प्रदेश को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।
जल संरक्षण के लिए बढ़ाए गए कार्य
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मनरेगा और वीबी-जीराम-जी जैसी योजनाओं के तहत जल सुरक्षा से जुड़े कार्यों का दायरा बढ़ाया है।
इन कार्यों में शामिल हैं:
- चेक डैम का निर्माण
- सोक पिट निर्माण
- रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग
- नए तालाबों का निर्माण
- पुराने जलाशयों का पुनर्जीवन
- बांध निर्माण
- मेड़बंदी
- बड़े पैमाने पर पौधारोपण
गांव-गांव में बना जनभागीदारी का अभियान
सरकार ने अमृत सरोवर योजना को केवल सरकारी परियोजना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए गांवों में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया। पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण से ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है।
किसानों, भूजल और पर्यावरण को मिला लाभ
जल संरक्षण अभियान का सबसे बड़ा लाभ कृषि क्षेत्र को मिला है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को राहत मिली है और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। इसके साथ ही जलाशयों के आसपास हरियाली बढ़ी है और जैव विविधता को भी मजबूती मिली है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई गति
अमृत सरोवरों और तालाबों के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। जल उपलब्धता बेहतर होने से कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है। साथ ही जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है।
जल संरक्षण का राष्ट्रीय मॉडल बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण को विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है। सरकार का मानना है कि सुनियोजित नीति, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए जल संकट का स्थायी समाधान संभव है। यही मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
