Bihar News: पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 बिहार में 40 केंद्रों पर होंगे विशेष कार्यक्रम

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Bihar News: 24 जून 2026 को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) पटना पूरे बिहार में “पासपोर्ट सेवा दिवस 2026” मनाने जा रहा है। इस अवसर पर राज्य के सभी पासपोर्ट सेवा केंद्रों और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम, नागरिक सहभागिता गतिविधियां और कर्मचारियों के सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।

बिहार के 40 केंद्रों पर होंगे विशेष कार्यक्रम

इस वर्ष 14वां पासपोर्ट सेवा दिवस बिहार के सभी 40 पासपोर्ट कार्यालयों में मनाया जाएगा। इनमें पटना और दरभंगा के 2 पासपोर्ट सेवा केंद्र तथा 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र शामिल हैं। ये केंद्र बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। पटना मुख्यालय में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे।

नागरिकों को जोड़ने के लिए पटना, पाटलिपुत्र और दरभंगा केंद्रों पर विशेष सेल्फी बूथ लगाए जाएंगे। आवेदकों को अपनी प्रतिक्रिया साझा करने के लिए विशेष इंटरैक्टिव क्षेत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पासपोर्ट सेवा दिवस के स्मारक बैज भी वितरित किए जाएंगे।

पासपोर्ट सेवाओं में रिकॉर्ड वृद्धि

क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने पिछले पांच वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2021 में जहां 2.74 लाख पासपोर्ट आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 4.51 लाख से अधिक हो गई। इसी अवधि में जारी किए गए पासपोर्टों की संख्या 2.52 लाख से बढ़कर 4.20 लाख से अधिक हो गई।

कार्यालय के अनुसार वर्ष 2026 में लगभग 5 लाख पासपोर्ट आवेदनों के निस्तारण की संभावना है। यह वृद्धि लोगों में बढ़ती जागरूकता, बेहतर सेवाओं और मंत्रालय के प्रति बढ़े विश्वास का परिणाम मानी जा रही है।

डिजिटल सेवाओं और डिजिलॉकर को बढ़ावा

पासपोर्ट सेवाएं अब पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित हो चुकी हैं। नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार केंद्रों में अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। डिजिलॉकर के माध्यम से दस्तावेज जमा करने वाले आवेदकों को 24 जून 2026 से विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनके आवेदन का निस्तारण और तेज होगा।

हर लोकसभा क्षेत्र तक पहुंचीं सेवाएं

अप्रैल 2026 में पश्चिम चंपारण के रामनगर में नए डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र की शुरुआत के साथ बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों तक पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार पूरा हो गया है। राज्य में अब 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र और 2 पासपोर्ट सेवा केंद्र कार्यरत हैं।

शिकायत निवारण और मोबाइल वैन की पहल

पटना आरपीओ ने शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत बनाया है। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल, ई-मेल, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। “मीट द आरपीओ” और “पासपोर्ट अदालत” जैसी पहलें भी लगातार चल रही हैं।

इसके साथ ही “पासपोर्ट आपके द्वार” मोबाइल वैन अभियान के तहत अप्रैल 2024 से अब तक 18 विशेष शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में 2,500 से अधिक पासपोर्ट आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है।

पुलिस सत्यापन में बिहार बना उदाहरण

पासपोर्ट प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन की औसत अवधि अब घटकर लगभग 10 दिन रह गई है। इस उपलब्धि के लिए बिहार पुलिस को वर्ष 2025 में विदेश मंत्रालय द्वारा सम्मानित भी किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न विभागों और संस्थाओं के सहयोग से बिहार में पासपोर्ट सेवाएं पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनी हैं।

पासपोर्ट सेवा दिवस 2026 के अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने राज्य के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में सेवाओं को और अधिक सुलभ, समावेशी और नागरिक हितैषी बनाने का संकल्प दोहराया है।