Chhattisgarh News: सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का शुभारंभ, 1000 से अधिक श्रद्धालु विशेष ट्रेन से हुए रवाना

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

सोमनाथ मंदिर आस्था और संघर्ष का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई बार आक्रांताओं ने सोमनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह देशवासियों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता और आत्मगौरव का प्रतीक है।

1000 से अधिक विशिष्टजन यात्रा में शामिल

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, कलाकार, साहित्यकार और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। सभी श्रद्धालु विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हुए।

छत्तीसगढ़ की माटी और नदियों का जल होगा अर्पित

यात्रा की सबसे खास बात यह है कि श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों की पवित्र मिट्टी और राज्य की प्रमुख नदियों का जल लेकर गए हैं। सोमनाथ धाम पहुंचकर ये माटी और जल भगवान सोमनाथ को अर्पित किए जाएंगे। इसे सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक समरसता का प्रतीक माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक पूरे देश में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सरदार पटेल को किया याद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि यह पुनर्निर्माण राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। बाद में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनर्निर्मित मंदिर का लोकार्पण किया था।

संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा में शामिल कलाकार, साहित्यकार और सम्मानित नागरिक अपने-अपने क्षेत्रों की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह यात्रा भारत की विविधता में एकता और सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत उदाहरण है।

श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

सांस्कृतिक चेतना को मिलेगा नया विस्तार

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक एकता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था का संदेश राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेगा।