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Bihar News:बिहार में खेलों को मिलेगा ओलंपिक स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर, खिलाड़ियों के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

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Bihar News: बिहार सरकार राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना चलाई जा रही है। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, कोचिंग, खेल उपकरण और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

राजगीर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 2026 तक होगा तैयार

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजगीर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 31 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम बिहार के खेल ढांचे को नई पहचान देगा और बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन में मदद करेगा।

पटना में सभी खेलों के लिए बनेंगे आधुनिक स्टेडियम

मुख्यमंत्री ने पटना के डुमरी खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम विकसित करने का निर्देश दिया। इससे खिलाड़ियों को एक ही स्थान पर आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

गांव-गांव तक पहुंच रही खेल सुविधाएं

सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेल संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दे रही है। राज्य की 8053 ग्राम पंचायतों में से 4700 पंचायतों में 5266 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष खेल मैदानों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीजीएफआरजी) के माध्यम से भी पंचायत स्तर पर खेल मैदान विकसित किए जाएं ताकि ग्रामीण युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्विकास कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया। साथ ही स्टेडियम तक बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर नियमित खेल महोत्सव और प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा और गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पुराने खिलाड़ियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को खेल क्लबों से जोड़ने की भी बात कही।

खेल विश्वविद्यालय में रोजगार आधारित पाठ्यक्रमों पर जोर

राजगीर स्थित बिहार खेल विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है जो नवाचार, रोजगार और आधुनिक खेल प्रबंधन से जुड़े हों। इससे छात्रों को खेल क्षेत्र में करियर बनाने के अधिक अवसर मिलेंगे।

बिहार को खेल हब बनाने की दिशा में कदम

सरकार का लक्ष्य केवल स्टेडियम बनाना नहीं बल्कि एक ऐसा मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना है जहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक सभी सुविधाएं मिल सकें। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक स्टेडियम, खेल विश्वविद्यालय और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की योजनाएं बिहार को देश के प्रमुख खेल राज्यों में शामिल करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।