No PUC No Fuel: उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। 1 अक्टूबर 2026 से एनसीआर के आठ जिलों में ऐसे वाहनों को पेट्रोल, डीजल या अन्य ईंधन नहीं मिलेगा, जिनके पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC/PUCC) नहीं होगा।
‘नो PUC, नो फ्यूल’ नीति होगी लागू
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा। यह नीति वायु प्रदूषण कम करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
एनसीआर के इन 8 जिलों में लागू होगा नियम
यह नियम उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र के आठ जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें:
- गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)
- गाजियाबाद
- हापुड़
- बुलंदशहर
- मेरठ
- मुजफ्फरनगर
- बागपत
- शामली
शामिल हैं।
1041 पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे
सरकार ने नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एनसीआर क्षेत्र के 1,041 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने का फैसला किया है। ये कैमरे वाहन नंबर की पहचान कर यह जांच करेंगे कि वाहन के पास वैध PUC है या नहीं।
2026 में 30-35 प्रतिशत प्रदूषण घटाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सरकार ने 2026 के दौरान एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण 30 से 35 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क की धूल और निर्माण गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई
सरकार “नया सफर” अभियान के तहत पुराने और अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर भी काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार एनसीआर के जिलों में 26 लाख से अधिक एंड-ऑफ-लाइफ (EOL) वाहनों की पहचान की जा चुकी है।
इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा बढ़ावा
प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में 975 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। वर्तमान में इन शहरों में 100 ई-बसें संचालित हो रही हैं।
वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क होगा मजबूत
एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाने के लिए 43 कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 25 स्टेशन पहले से चालू हैं, जबकि शेष स्टेशनों को अक्टूबर 2026 तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
PUC क्यों है जरूरी?
PUC प्रमाणपत्र यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला धुआं और उत्सर्जन निर्धारित मानकों के भीतर है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत यह दस्तावेज सभी पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी वाहनों के लिए अनिवार्य है।
वाहन मालिकों को समय रहते करना होगा नवीनीकरण
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन मालिकों को समय रहते अपना PUC बनवा लेना या नवीनीकरण करा लेना चाहिए, क्योंकि 1 अक्टूबर के बाद बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन प्राप्त करना संभव नहीं होगा।

