Punjab News: पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को बटाला के गांव घनिए के बांगर पहुंचकर शहीद सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) जोगा सिंह के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिस अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे एएसआई जोगा सिंह
एएसआई जोगा सिंह ने 24 मई 2026 को ड्यूटी के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। वह 54 वर्ष के थे और वर्ष 1989 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस के ट्रैफिक स्टाफ में तैनात थे।
उनके परिवार में उनकी माता, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।

शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा: डीजीपी
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि एएसआई जोगा सिंह ने अपने साहस, समर्पण और निस्वार्थ सेवा से पंजाब पुलिस की सर्वोत्तम परंपराओं को जीवंत किया है।
उन्होंने कहा, “जोगा सिंह का बलिदान हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाएगा। उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।”
दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
परिवार को सांत्वना देते हुए डीजीपी ने आश्वासन दिया कि इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है।

परिवार को हर संभव सहायता मिलेगी
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस और पंजाब सरकार शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। परिवार को सभी जरूरी सहायता और सरकारी कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में परिवार को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
एएसआई जोगा सिंह की शहादत पंजाब पुलिस के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद की जाएगी। डीजीपी गौरव यादव की यह मुलाकात न केवल शहीद को श्रद्धांजलि थी, बल्कि परिवार को यह विश्वास दिलाने का प्रयास भी था कि सरकार और पुलिस विभाग उनके साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।
