Punjab News: चंडीगढ़, 9 जून 2026 पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से डीजीपी गौरव यादव ने मोहाली (एसएएस नगर) स्थित एएनटीएफ पुलिस स्टेशन में अत्याधुनिक स्पेशल इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल यूनिट (एसआईटीयू) का उद्घाटन किया।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई
इस मौके पर डीजीपी गौरव यादव के साथ स्पेशल डीजीपी एएनटीएफ कुलदीप सिंह और एडीजीपी एएनटीएफ नीलभ किशोर भी मौजूद रहे। उद्घाटन के दौरान सीसीटीएनएस रूम, पूछताछ कक्ष, एमएचसी रूम और डीएसपी कार्यालय जैसी कई नई सुविधाओं की भी शुरुआत की गई।
डीजीपी ने बताया कि नई तकनीकी सुविधाओं के जरिए वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण, खुफिया जानकारी जुटाने, तकनीकी निगरानी और आपराधिक डाटाबेस तक बेहतर पहुंच संभव होगी। इससे ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और सटीक बनेगी।

एएनटीएफ पुलिस स्टेशन को बनाया गया आधुनिक जांच केंद्र
गौरतलब है कि एसएएस नगर स्थित एएनटीएफ पुलिस स्टेशन भवन का उद्घाटन अगस्त 2024 में किया गया था। अब इसे एक आधुनिक जांच और खुफिया केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यह केंद्र राज्य में नशा विरोधी अभियानों का प्रमुख संचालन केंद्र बनकर काम कर रहा है।
कई शहरों में पहले से संचालित हैं एएनटीएफ कार्यालय
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पटियाला, जालंधर और बठिंडा में अत्याधुनिक एएनटीएफ कार्यालय पहले से काम कर रहे हैं। वहीं लुधियाना और फिरोजपुर में नए कार्यालयों का निर्माण जारी है। इसके अलावा अमृतसर में भी एक समर्पित एएनटीएफ केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है और इसके लिए जमीन भी तय कर ली गई है।
तकनीकी ढांचे पर करोड़ों रुपये का निवेश
पंजाब सरकार ने एएनटीएफ की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान 11.50 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस राशि से निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क, साइबर इंटेलिजेंस और डिजिटल जांच उपकरणों को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा एएनटीएफ को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 14.16 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी स्वीकृत की गई है।
राज्य की नोडल एजेंसी के रूप में करेगा काम
डीजीपी ने बताया कि एएनटीएफ पंजाब को स्टेट एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) सचिवालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसके तहत एएनटीएफ विभिन्न विभागों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, खुफिया जानकारी साझा करेगा और राज्यभर में नशा विरोधी गतिविधियों की निगरानी करेगा।

पंजाब को नशा मुक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस आधुनिक तकनीक और मजबूत खुफिया नेटवर्क की मदद से ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने और पंजाब को सुरक्षित तथा नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। नई स्पेशल इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल यूनिट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
