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Chhattisgarh News: जनजातीय गरिमा उत्सव से बदली पहाड़ी कोरवा महिला की जिंदगी, आयुष्मान कार्ड बना सहारा

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने एक जरूरतमंद परिवार की जिंदगी बदल दी। विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा की रहने वाली पहाड़ी कोरवा महिला रोन्ही को जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर के माध्यम से आयुष्मान भारत कार्ड मिला, जिससे अब उनके परिवार को इलाज के खर्च की चिंता से राहत मिल गई है।

दूरस्थ गांव तक पहुंच रही सरकारी योजनाएं

राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे “जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले” अभियान के तहत दूरदराज आदिवासी इलाकों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को:

  • आयुष्मान भारत योजना
  • राशन कार्ड
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • बैंकिंग सेवाएं
  • आधार पंजीयन
  • प्रधानमंत्री आवास योजना

जैसी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

इसके अलावा पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, जनसुनवाई और शिकायतों के निराकरण की कार्रवाई भी की जा रही है।

सीमित संसाधनों में गुजर रही थी जिंदगी

ग्राम पंचायत पतरापारा निवासी रोन्ही पहाड़ी कोरवा अपने परिवार के साथ बेहद सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रही थीं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छोटी बीमारियों का इलाज कराना भी उनके लिए बड़ी चुनौती था।

स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता की कमी के चलते कई बार उन्हें इलाज के लिए स्थानीय बैगा-गुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था। गंभीर बीमारी होने पर अस्पताल तक पहुंचना और इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए भारी बोझ बन जाता था।

शिविर में मिला आयुष्मान कार्ड

जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोन्ही की समस्या को समझा और मौके पर ही उनका आयुष्मान भारत कार्ड बनाकर सौंप दिया।

अब इस कार्ड के जरिए रोन्ही और उनका परिवार जरूरत पड़ने पर अनुबंधित अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।

इलाज की चिंता हुई खत्म

रोन्ही ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले बीमारी का मतलब कर्ज और चिंता होता था, लेकिन अब आयुष्मान कार्ड मिलने से उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा मिला है।

उन्होंने कहा कि अब वे अपने परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा निश्चिंत महसूस कर रही हैं।

सरकार और प्रशासन का जताया आभार

रोन्ही ने जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर को दूरस्थ गांवों के लोगों के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया।

यह पहल अब वनांचल क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का मजबूत माध्यम बन रही है।