Jharkhand News: Hemant Soren ने झारखंड में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए अधिकारियों को राज्यभर में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान लोगों को पीने के पानी की कमी नहीं होनी चाहिए और हर जिले में जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।
सरकार ने खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, जहां गर्मियों में जल संकट ज्यादा बढ़ जाता है।
अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि खराब पड़े हैंडपंप, जलमीनार और पाइपलाइन सिस्टम की तुरंत मरम्मत कराई जाए। साथ ही जरूरत पड़ने पर टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हीटवेव के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
स्वास्थ्य और राहत व्यवस्था पर भी फोकस
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से जुड़े मरीजों के इलाज के लिए जरूरी दवाइयों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके अलावा लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की सलाह दी जा रही है।
झारखंड के कई जिलों में बढ़ा तापमान
राज्य के कई हिस्सों में लगातार तापमान बढ़ने से लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीटवेव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई है।
इसी को देखते हुए प्रशासन को स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पेयजल और राहत कार्यों की होगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पेयजल आपूर्ति और राहत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
सरकार का कहना है कि गर्मी के मौसम में लोगों को राहत देना और जल संकट से बचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
