Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड ने नीति आयोग के “Champions of Change” कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। अक्टूबर से दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर यह उपलब्धि मिली है। इस सफलता को राज्य सरकार की जनकेंद्रित योजनाओं, बेहतर मॉनिटरिंग और विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि आकांक्षी और दूरस्थ क्षेत्रों में भी अब विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित हो रहे हैं। सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के आधार पर हुआ मूल्यांकन
नीति आयोग द्वारा चलाए जा रहे “Champions of Change” कार्यक्रम के तहत विकासखंडों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों पर किया जाता है। इनमें स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि और उससे जुड़ी सेवाएं, आधारभूत ढांचा और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उसूर विकासखंड ने इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर मॉनिटरिंग और विभागों के बीच बेहतर तालमेल को इसकी सफलता का मुख्य कारण माना गया है। यह उपलब्धि केवल बीजापुर जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली मानी जा रही है।
“3C मॉडल” बना सफलता की बड़ी वजह
उसूर विकासखंड की सफलता के पीछे “3C मॉडल” को सबसे अहम माना जा रहा है। इस मॉडल में Convergence यानी अभिसरण, Collaboration यानी सहयोग और Competition यानी प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर दिया गया।
Convergence के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को मिलाकर काम किया गया। Collaboration के जरिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। वहीं Competition के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया।
इस मॉडल से योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंचा और विकास कार्यों में सुधार देखने को मिला। प्रशासन ने गांव स्तर तक निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को मजबूत किया।

दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो क्षेत्र पहले चुनौतियों के लिए पहचाने जाते थे, वे अब विकास और सुशासन के उदाहरण बन रहे हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और आधारभूत सुविधाओं में सुधार के कारण दूरस्थ इलाकों में लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
सरकार का मानना है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और लोगों की भागीदारी विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उसूर विकासखंड की यह उपलब्धि आने वाले समय में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। इससे यह संदेश गया है कि सही योजना, मजबूत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी तेज विकास संभव है।
